जगदलपुर। बस्तर पुलिस ने शहर में सक्रिय अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। सूने मकानों को निशाना बनाने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर चोरी के मामले को सुलझा लिया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से लाखों की संपत्ति बरामद की है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सूने मकानों में चोरी की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। हाल ही में हुई एक बड़ी चोरी की घटना के बाद बस्तर पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों के जाल की मदद से संदिग्धों की पहचान की।
लाखों की संपत्ति और नगदी बरामद
पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी कर उन्हें हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित बरामदगी की है:
- नगद: ₹70,000 (सत्तर हजार रुपये)।
- कुल संपत्ति की कीमत: लगभग ₹15 लाख (सोने-चांदी के जेवरात और अन्य कीमती सामान)।
- अन्य सामग्री: चोरी में इस्तेमाल किया गया वाहन और ताला तोड़ने के आधुनिक उपकरण।
पुलिस की रणनीति और कार्रवाई
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों ने शहर के पॉश इलाकों के सूने मकानों की पहले रेकी की थी और फिर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस की साइबर सेल और स्थानीय थानों की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपियों को दबोचा।
“बस्तर पुलिस अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। 24 घंटे के भीतर लाखों की चोरी का खुलासा हमारी टीम की सजगता और कार्यकुशलता का प्रमाण है।” — पुलिस प्रवक्ता, बस्तर
आरोपियों को भेजा गया जेल
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह अन्य जिलों या राज्यों में भी सक्रिय रहा है।




















