छत्तीसगढ़

गरियाबंद में 9 नक्सलियों का सरेंडर, धमतरी-गरियाबंद के जंगलों से हथियारों का जखीरा बरामद..

गरियाबंद/धमतरी | 20 जनवरी, 2026 रायपुर रेंज में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरक्षा बलों द्वारा की जा रही सतत सर्चिंग, खुफिया सूचना संकलन और त्वरित कार्यवाही के चलते माओवादी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होता दिख रहा है। बीते 48 घंटों के भीतर पुलिस ने न केवल 9 नक्सलियों का आत्मसमर्पण कराया है, बल्कि उनकी निशानदेही पर गरियाबंद और धमतरी के जंगलों से भारी मात्रा में डंप किए गए आधुनिक हथियार भी बरामद किए हैं।

9 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता, सौंपा AK-47

​अभियान की शुरुआत 19 जनवरी 2026 को हुई, जब जिला गरियाबंद में सक्रिय 09 माओवादियों ने शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। इन नक्सलियों ने समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लेते हुए पुलिस के समक्ष अपने हथियार डाल दिए। इसे क्षेत्र में माओवादी संगठन के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।

गरियाबंद: चट्टानों के बीच छिपा था मौत का सामान

​आत्मसमर्पित नक्सलियों से पूछताछ में मिली गुप्त सूचना के आधार पर 20 जनवरी को जिला पुलिस बल की आप्त टीम E-30 और BDS (बीडीएस) की संयुक्त टीम को सर्चिंग के लिए रवाना किया गया।

​थाना शोभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम रक्शापथरा के दुर्गम पहाड़ी और जंगल क्षेत्र में चलाए गए इस ऑपरेशन में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली। टीम ने एक टेकरी के ऊपर चट्टानों के किनारे नक्सलियों द्वारा छुपाकर रखे गए:

  • 01 नग AK-47 राइफल
  • 01 नग 12 बोर बंदूक बरामद की।

धमतरी: इनामी महिला नक्सली की सूचना पर बड़ी बरामदगी

​इसी कड़ी में जिला धमतरी में भी पुलिस को बड़ी सफलता मिली। जनवरी 2026 में ही आत्मसमर्पण करने वाली 05 लाख रुपये की इनामी पूर्व महिला नक्सली से मिली जानकारी के आधार पर DRG धमतरी ने विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया।

​दौड़पंडरीपानी के जंगलों में नक्सलियों ने हथियारों को गड्ढा खोदकर पत्तियों और प्राकृतिक सामग्रियों से ढंककर छिपाया था। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित हथियार बरामद किए:

  • 01 एसएलआर (7.62 मिमी) ऑटोमेटिक राइफल
  • 02 खाली मैग्जीन
  • 01 नग 12 बोर बंदूक
  • 01 नग भरमार बंदूक

नक्सली नेटवर्क की टूटी कमर

​रायपुर रेंज पुलिस के अनुसार, इन कार्यवाहियों से माओवादियों की सशस्त्र क्षमता पर गहरी चोट पड़ी है। हथियारों की इस बरामदगी और कैडर्स के आत्मसमर्पण से क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हुई है।

रायपुर रेंज पुलिस की अपील:

“हम सभी भटके हुए माओवादियों से अपील करते हैं कि वे हिंसा का रास्ता त्यागकर शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं। शांति और विकास की मुख्यधारा से जुड़कर अपना और अपने परिवार का भविष्य संवारें। नक्सल उन्मूलन हेतु पुलिस का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।”

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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