छत्तीसगढ़

भाजपा नेता अक्षय गर्ग हत्याकांड का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार..

कोरबा: मृतक अक्षय गर्ग, जो ठेकेदारी का काम करता था, अपने वाहन इनोवा कार क्रमांक JH 05 DK 2244 से अपने काम के सिलसिले में दिनांक 23-12-2025 को अपने साइट ग्राम कटघोरा नगरी कैंप गया हुआ था। जो करीबन प्रातः 10:00 बजे, अक्षय गर्ग अपने कैंप के मेस के पास अन्य लेबरों से काम के संबंध में चर्चा कर रहा था।

उसी समय चार पहिया वाहन में तीन अज्ञात व्यक्ति आए और अक्षय गर्ग को लोहे की धारदार टांगी व चाकू से मारकर चोट पहुंचाकर भाग गए। अक्षय गर्ग के सिर के पीछे, हाथ एवं पेट में गंभीर चोट लगी थी।

उक्त घटना की सूचना मिलने पर अक्षय गर्ग के बड़े भाई अभय गर्ग, सुपरवाइजर पिनाकीराम एवं अन्य लोगों द्वारा अक्षय गर्ग को तत्काल इलाज हेतु हरिकृष्ण अस्पताल कटघोरा उसके इनोवा वाहन से लेकर आए, जिसे डॉक्टर द्वारा चेक करने पर उसकी मृत्यु हो जाना बताया गया।

प्रार्थी जय गर्ग पिता स्व. प्रदीप गर्ग उम्र 30 वर्ष, निवासी कटघोरा वार्ड नंबर 03 की रिपोर्ट पर थाना कटघोरा में मर्ग क्रमांक 162/25 धारा 194 BNSS कायम कर, अपराध क्रमांक 425/25 धारा 103(1), 238(1), 61(2), 3(5) BNS पंजीबद्ध किया गया।

अपराध की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर माननीय पुलिस महानिरीक्षक श्री संजीव शुक्ला तथा माननीय पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री सिद्धार्थ तिवारी उपस्थित होकर अग्रिम जांच/विवेचना हेतु थाना कटघोरा, साइबर एवं एफएसएल टीम को निर्देशित किए।

उपरोक्त प्राप्त निर्देशानुसार घटनास्थल पर उपस्थित गवाहों से पूछताछ कर भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्यों को एकत्रित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त निर्देशानुसार माननीय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नितेश ठाकुर के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित कर त्वरित कार्यवाही करते हुए लगभग 7–8 घंटे में ही—

मिर्जा मुस्ताक अहमद पिता महमूद अहमद उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम मल्दा, थाना कटघोरा

विश्वजीत अग्रे पिता स्व. नागेन्द्र अग्रे उम्र 21 वर्ष निवासी सिंघिया कोरबी

गुलशन दास पिता त्रिभुवन दास उम्र 26 वर्ष निवासी मल्दा

विधि से संघर्षरत बालक को पूछताछ कर हिरासत में लिया गया।

उक्त आरोपियों द्वारा एक दिन पूर्व भी मृतक अक्षय गर्ग का पीछा कर हत्या करने का प्रयास किया गया था, किंतु उक्त प्रयास में असफल रहे।

आरोपियों की भूमिका :

मिर्जा मुस्ताक अहमद – घटना का मुख्य आरोपी, जिसके द्वारा हत्या की योजना तैयार कर हथियार एकत्रित किए गए एवं सर्वप्रथम घटनास्थल पर मृतक के पेट पर वार किया गया।

विश्वजीत अग्रे – मुख्य आरोपी मिर्जा मुस्ताक का सहयोगी, जिसके द्वारा घटनास्थल पर लोहे की टांगी से अक्षय गर्ग के सिर पर वार कर चोट पहुंचाई गई।

गुलशन दास – मृतक अक्षय गर्ग की आवागमन की सूचना मिर्जा मुस्ताक अहमद को दी जाती थी।

विधि से संघर्षरत बालक

हत्या का कारण :

व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा – आरोपी मिर्जा मुस्ताक अहमद क्षेत्र में ठेकेदारी का काम करना चाहता था, किंतु मृतक अक्षय गर्ग के प्रभाव से उसे उक्त क्षेत्र में ठेका कार्य नहीं मिल पा रहा था।

राजनीतिक प्रतिस्पर्धा – पूर्व पंचायत चुनाव में मृतक अक्षय गर्ग एवं आरोपी मिर्जा मुस्ताक अहमद के बीच सीधी चुनावी टक्कर थी, जिस दौरान दोनों पक्षों के बीच वाद-विवाद होना पाया गया।

आरोपी मिर्जा मुस्ताक अहमद द्वारा सड़क निर्माण में अनियमितता को रोकने हेतु प्रगति पथ संस्था बनाई गई थी।

मृतक अक्षय गर्ग क्षेत्र क्रमांक 18 बिंझरा पंचायत में चुनाव जीत जाने के पश्चात आरोपी मिर्जा मुस्ताक अहमद का उस क्षेत्र से सामाजिक प्रभाव कम होना।

जप्ती : विवेचना के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे की टांगी, लोहे का चापड़, चार पहिया वाहन (क्रमांक CG 12 BF 4345), घटना समय पहने कपड़े, मोबाइल फोन एवं अन्य साक्ष्य जप्त किए गए हैं।

उक्त प्रकरण में सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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