आज सूर्य ग्रहण लग रहा है, लेकिन यह भारत में मान्य नहीं है। इसका सूतक नहीं लगेगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दे रहा है, इसलिए इस ग्रहण का सूतक काल नहीं माना जाएगा। मंदिरों में पूजा पाठ अपने समय पर होगी।
सर्वपितृअमावस्या तर्पण और नवरात्र कलश स्थापना पर इसका कोई प्रभाव नहीं होगा। यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होने के कारण से माना नहीं जाएगा। इसलिए इस ग्रहण से किसी को कोई दोष नहीं होगा। दरअसल, ग्रहण भारतीय समयानुसार रात 10:59 बजे शुरू होगा और 22 सितंबर की रात 1 बजकर 11 बजे यह अपने
पीक पर होगा। ग्रहण 3 बजकर 32 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। इसलिए इसके स्पर्श, सूतक काल और मोक्ष काल के कोई नियम भारत में नहीं माने जाएंगे। यह आंशिक ग्रहण होगा, जो न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका और दक्षिण प्रशांत महासागर में दिखाई देगा। इसलिए इस ग्रहण के सूतक या मोक्ष का कोई विचार नहीं करना चाहिए।




















