कोरबा | जिला प्रशासन ने एक बेहद महत्वपूर्ण और समयबद्ध सरकारी कार्य को देखते हुए जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर एवं जिला प्रमुख ने स्पष्ट आदेश दिया है कि आगामी महीनों में होने वाली विशेष प्रशासनिक गतिविधियों के सफल संचालन के लिए कर्मचारियों की उपलब्धता अनिवार्य है। इसी के मद्देनजर, जिले में तत्काल प्रभाव से अवकाश प्रतिबंध (Leave Restriction) लागू कर दिया गया है।
23 मार्च से 10 जून तक नहीं मिलेगी छुट्टी
जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, 23 मार्च 2026 से 10 जून 2026 तक की अवधि के लिए किसी भी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी को सामान्य अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने साफ किया है कि इस दौरान किसी भी कर्मचारी को अपना मुख्यालय (Headquarter) छोड़ने की अनुमति भी नहीं होगी।
पहले से स्वीकृत छुट्टियां भी निरस्त
प्रशासन की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आदेश में उल्लेख है कि 23 मार्च 2026 से पहले जो भी छुट्टियां मंजूर की गई थीं, उन्हें स्वतः निरस्त (Auto-Cancelled) माना जाएगा। केवल गंभीर चिकित्सा परिस्थितियों (Medical Emergency) में ही सक्षम प्राधिकारी की विशेष अनुमति के बाद छुट्टी मिल सकेगी।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
दरअसल, भारत सरकार के गृह मंत्रालय और महापंजीयक के निर्देशों के पालन में एक राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण सांख्यिकीय कार्य (मकान सूचीकरण एवं गणना) की तैयारी शुरू हो चुकी है। 1 मई से 30 जून के बीच होने वाले इस फील्ड वर्क, प्रशिक्षण और पर्यवेक्षण के लिए मैनपावर की भारी जरूरत है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह कार्य देश की नीति-निर्माण का आधार है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कड़ाई से पालन करने के निर्देश
जिला प्रशासन ने सभी नगरीय निकायों, तहसीलों और अन्य सरकारी संस्थानों को इस आदेश की प्रतियां भेज दी हैं। सभी विभागों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि इस महत्वपूर्ण सरकारी प्रोजेक्ट में कोई बाधा न आए।



















