छत्तीसगढ़ मौसम अपडेट 26 सितम्बर : छत्तीसगढ़ में एक बार फिर झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। पिछले दो दिनों से रायपुर बिलासपुर समेत प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बारिश हो रही है। वहीं मौसम विभाग की ओर से शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश में भी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
- प्रदेश के अधिकांश इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट
- पिछले 24 घंटों में रायपुर, दुर्ग और बस्तर में भारी बारिश
- राजधानी में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तंत्र का असर अब छत्तीसगढ़ पर दिखने जा रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि प्रदेश में शुक्रवार को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी।
वहीं रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों सहित इससे लगे बिलासपुर संभाग के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। भारी बारिश का मुख्यतः मध्य छत्तीसगढ़ के दक्षिण भाग, रायपुर और दुर्ग संभाग के जिले तथा इससे लगे बिलासपुर संभाग के जिले संभावित है।
अलर्ट जारी
प्रदेश में शुक्रवार को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात होने तथा भारी बारिश होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई। जगदलपुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि बिलासपुर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
ऊपरी हवा का चक्रीय परिसंचरण सक्रिय
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी, दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश तट के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रीय परिसंचरण सक्रिय है, जो लगभग 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है।
इसके अलावा पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी में भी चक्रीय परिसंचरण बना हुआ है, जिसके प्रभाव से अगले 24 घंटों में उत्तर बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब का क्षेत्र बनने की संभावना है। यह सिस्टम 26 सितंबर तक और प्रबल होकर अवदाब के रूप में तब्दील हो सकता है और 27 सितंबर को दक्षिण ओडिशा व उत्तर आंध्र प्रदेश तट से टकरा सकता है।
यह है राजधानी की स्थिति
26 सितंबर को आसमान सामान्यतः मेघमय रहेगा। गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी, दक्षिण उड़ीसा तट तथा उत्तर आंध्र प्रदेश तट के ऊपर स्थित है और यह 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।
प्रदेश में अब तक 1106.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1106.3 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1530.0 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 514.9 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।
रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1010.3 मि.मी., बलौदाबाजार में 893.2 मि.मी., गरियाबंद में 1048.3 मि.मी., महासमुंद में 897.3 मि.मी. और धमतरी में 1030.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1116.1 मि.मी., मुंगेली में 1083.2 मि.मी., रायगढ़ में 1322.3 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1048.2 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1337.5 मि.मी., सक्ती में 1225.6 मि.मी., कोरबा में 1104.7 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1022.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 859.8 मि.मी., कबीरधाम में 774.0 मि.मी., राजनांदगांव में 916.7 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1348.6 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 817.5 मि.मी. और बालोद में 1176.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 745.7 मि.मी., सूरजपुर में 1129.2 मि.मी., बलरामपुर में 1498.3 मि.मी., जशपुर में 1039.1 मि.मी., कोरिया में 1182.7 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1063.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1497.9 मि.मी., कोंडागांव जिले में 1042.2 मि.मी., कांकेर में 1261.5 मि.मी., नारायणपुर में 1331.1 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1482.9 मि.मी. और सुकमा में 1157.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।




















