नई दिल्ली/रायपुर: देश में पिछले कुछ हफ्तों से चल रहे ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार ने व्यापारियों और छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर के आवंटन कोटा में 20 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद अब राज्यों को मिलने वाला कुल कोटा बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है।
यह नई व्यवस्था कल यानी 23 मार्च 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएगी।
किन क्षेत्रों को मिलेगा सबसे पहले लाभ?
सरकार द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, इस बढ़े हुए कोटे का लाभ प्राथमिकता के आधार पर निम्नलिखित क्षेत्रों को दिया जाएगा:
- छोटे-बड़े होटल और रेस्टोरेंट।
- सड़क किनारे चलने वाले ढाबे।
- इंडस्ट्रियल कैंटीन और डेयरी यूनिट्स।
- खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) इकाइयां।
- सामुदायिक रसोई (Community Kitchens) और सरकारी रियायती कैंटीन।
- प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलोग्राम वाले FTL (Free Trade LPG) सिलेंडर।
क्या है सरकार की नई शर्त? (महत्वपूर्ण)
इस बढ़े हुए कोटे का लाभ उठाने के लिए सरकार ने एक अनिवार्य शर्त भी रखी है। कमर्शियल ग्राहकों को तेल कंपनियों (OMCs) के पास अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। साथ ही, उन्हें पीएनजी (PNG – Piped Natural Gas) कनेक्शन के लिए भी आवेदन करना होगा। सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से पाइप वाली गैस पर शिफ्ट हो जाएं ताकि सिलेंडरों पर निर्भरता कम हो सके।
क्यों लेना पड़ा यह फैसला?
पिछले दिनों पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रहे तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से भारत में गैस की सप्लाई चेन बिगड़ गई थी। हालांकि, अब घरेलू रिफाइनरियों ने अपना उत्पादन लगभग 40% तक बढ़ा दिया है, जिससे स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। सरकार का यह कदम बाजार में हो रही ‘पैनिक बुकिंग’ और ब्लैक मार्केटिंग को रोकने में भी मददगार साबित होगा।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए क्या है स्थिति?
घरेलू एलपीजी (14.2 किलो) की सप्लाई पूरी तरह से स्थिर बनी हुई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि घरेलू सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है और डिलीवरी सामान्य रूप से जारी रहेगी। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे घबराहट में आकर एक्स्ट्रा बुकिंग न करें और होम डिलीवरी सेवाओं पर ही भरोसा करें।




















