रायपुर: राजधानी की सड़कों पर शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा अभियान छेड़ दिया है। शनिवार रात को चलाए गए इस “सरप्राइज चेकिंग” अभियान ने शराबियों के होश उड़ा दिए। पुलिस ने शहर के 9 प्रमुख स्थानों पर घेराबंदी कर मात्र दो घंटे के भीतर 155 चालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई: 2026 में आंकड़ा 2100 के पार
यातायात एवं प्रोटोकॉल उपायुक्त श्री विकास कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान ने कार्रवाई के पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 में अब तक एमव्ही एक्ट की धारा 185 (ड्रिंक एंड ड्राइव) के तहत कुल 2133 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। यह रायपुर जिले के इतिहास में किसी भी एक वर्ष में की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
सिर्फ 120 मिनट और 155 चालान
11 अप्रैल की रात 11 बजे से 1 बजे के बीच पुलिस ने शहर के अलग-अलग चौराहों पर मोर्चा संभाला। इस संक्षिप्त अवधि में ही पुलिस ने रिकॉर्ड 155 लोगों को नशे की हालत में वाहन चलाते पकड़ा। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि सड़कों पर गुंडागर्दी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जुर्माना नहीं, ‘जिंदगी बचाना’ है मकसद
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि इस सख्त अभियान का उद्देश्य राजस्व वसूलना नहीं, बल्कि सड़कों को सुरक्षित बनाना है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार:
”हमारा लक्ष्य दुर्घटनाओं को रोकना और मासूम लोगों की जान बचाना है। नशे में गाड़ी चलाना न केवल चालक के लिए बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी जानलेवा है।”
ट्रैफिक पुलिस की अपील: कैब लें, पर जान जोखिम में न डालें
रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें।
- नशे में हों तो: स्वयं वाहन चलाने के बजाय कैब (Cab) बुक करें।
- विकल्प: किसी ऐसे मित्र या चालक की मदद लें जिसने नशा न किया हो।
सावधान रहें: ट्रैफिक पुलिस ने चेतावनी दी है कि शहर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अचानक चलाए जाने वाले प्रवर्तन अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे।




















