रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में नौतपा से पहले ही भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और सूर्यदेव के तीखे तेवर से पूरा राज्य तप रहा है। इसी बीच मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने राज्य के 20 से अधिक जिलों के लिए अगले 48 घंटों का ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) जारी करते हुए भारी लू (Heat Wave) की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान दुर्ग में 44.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो 45 डिग्री के बेहद करीब है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 5 दिनों तक खासकर मध्य छत्तीसगढ़ में गर्म हवाओं (लू) का थपेड़ा लोगों को और परेशान करेगा।
इन 20 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी, रहें सावधान
मौसम विभाग ने प्रदेश के जिन प्रमुख जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, वहां दोपहर के वक्त हालात बेहद गंभीर रहने वाले हैं। इन जिलों में शामिल हैं:
- बिलासपुर संभाग: बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़।
- रायपुर संभाग: रायपुर, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद।
- दुर्ग संभाग: दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम (कवर्धा), खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बालोद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी।
कोरबा और महासमुंद में भी बढ़ी तपिश, ग्रामीणों को विशेष सलाह
राजधानी रायपुर और दुर्ग के साथ-साथ कोरबा, महासमुंद, बालोद और गरियाबंद के इलाकों में भी तपिश तेजी से बढ़ी है। मौसम वैज्ञानिकों ने ग्रामीण इलाकों में, खासकर खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप में न जाने और विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
द्रोणिका सक्रिय, फिर क्यों नहीं हो रही बारिश?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर ओडिशा तक एक द्रोणिका (Trough Line) सक्रिय है। इसके बावजूद, हवा में पर्याप्त नमी नहीं मिल पा रही है। नमी की कमी के कारण बादल नहीं बन रहे हैं और यही वजह है कि सूरज की किरणें सीधे धरती पर आ रही हैं, जिससे तापमान लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है। फिलहाल अगले एक हफ्ते तक बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है।
राहत की खबर: 10 जून के बाद दस्तक देगा मानसून
इस भीषण गर्मी से जूझ रहे छत्तीसगढ़ वासियों के लिए राहत की बात यह है कि मानसून अपने सही समय पर आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 10 जून के बाद छत्तीसगढ़ में मानसून का प्रवेश हो जाएगा। मानसून की एंट्री के बाद ही प्रदेश के लोगों को इस तपती गर्मी और उमस से पूरी तरह निजात मिल पाएगी। तब तक लोगों को सावधानी बरतनी होगी।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को रखा ‘अलर्ट मोड’ पर, जारी की गाइडलाइन
लगातार बढ़ रहे पारे और लू के मरीजों की आशंका को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों को ‘अलर्ट मोड’ पर रखा गया है और ओआरएस (ORS) काउंटर व हीट स्ट्रोक वॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉक्टरों ने आम जनता के लिए ये जरूरी सलाह दी है:
- दोपहर में निकलने से बचें: बहुत जरूरी न हो, तो दोपहर 11 से दोपहर 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें।
- ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं: प्यास न भी लगे, तो भी लगातार पानी, नींबू पानी, छाछ या ओआरएस का घोल पीते रहें।
- सूती कपड़ों का करें इस्तेमाल: बाहर निकलते समय हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। सिर को स्कार्फ, टोपी या छतरी से ढककर रखें।
- खाली पेट बाहर न जाएं: घर से हमेशा कुछ खाकर और पानी पीकर ही बाहर निकलें।




















