छत्तीसगढ़

सरकारी दफ्तरों में 1 जनवरी से लागू होगा बायोमेट्रिक अटेंडेंस, देरी पर अपने-आप कटेगी सैलरी

बिलासपुर: सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और समय-पालन सुनिश्चित करने के लिए, आगामी 1 जनवरी से जिला कलेक्टोरेट कार्यालय सहित सभी विभागीय कार्यालयों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (Biometric Attendance System) अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण बदलाव सीधे कर्मचारियों की मासिक तनख्वाह (Salary) से जुड़ा होगा।

​⏰ देरी या अनुपस्थिति पर सैलरी में होगी आनुपातिक कटौती

​कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज साप्ताहिक टीएल (Time-Limit) बैठक में इस नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को इसकी युद्धस्तर पर तैयारी करने के निर्देश दिए।

​इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब कार्यालय पहुँचने में विलम्ब (Late Coming) अथवा अनुपस्थित (Absent) रहने पर कर्मचारियों की तनख्वाह में आनुपातिक रूप से (Proportionally) कटौती स्वतः ही (automatically) हो जाएगी। इसका सीधा अर्थ है कि समय की पाबंदी न रखने वाले कर्मचारियों को इसका वित्तीय खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

​🏛️ मंत्रालय की सफलता के बाद जिलों में विस्तार

​यह उल्लेखनीय है कि सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department) द्वारा यह व्यवस्था पहले ही मंत्रालय में सफलतापूर्वक लागू कर दी गई है। मंत्रालय में इसकी सफलता को देखते हुए, विभाग ने अब 1 जनवरी से राज्य के सभी जिलों में भी इसे सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं।

​कलेक्टर अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीनें सही ढंग से स्थापित हो जाएं और कर्मचारियों का डेटा समय पर सिस्टम में अपलोड कर दिया जाए ताकि नए साल के पहले दिन से ही यह व्यवस्था सुचारू रूप से काम करना शुरू कर दे।

​यह कदम सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और कर्मचारियों की जवाबदेही (Accountability) बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

𝐁𝐇𝐈𝐒𝐌 𝐏𝐀𝐓𝐄𝐋

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐇𝐈𝐍𝐃𝐁𝐇𝐀𝐑𝐀𝐓 𝐋𝐈𝐕𝐄 𝐍𝐞𝐰𝐬
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