छत्तीसगढ़

रायगढ़ पुलिस ने जिले में सफेमा कोर्ट से करायी पहली कार्यवाही, गांजा तस्करी से अर्जित 15 लाख से अधिक की संपत्ति फ्रीज.. क्या है सफेमा..

रायगढ़ : रायगढ़ पुलिस ने नशा तस्करों पर सख्त रुख अपनाते हुए एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल में बंद अंतरराज्यीय गांजा तस्कर भागवत साहू निवासी ग्राम पिहरीद, थाना सक्ती, जिला सक्ती की अवैध संपत्ति पर एक और कठोर कार्यवाही की है। आरोपी द्वारा गांजा तस्करी से कमाई गई करीब 15 लाख रुपये से अधिक की राशि को सफेमा कोर्ट, मुंबई (महाराष्ट्र) से फ्रीज कराया गया है। इस आदेश के बाद न्यायालय के निर्णय तक आरोपी अपनी इस संपत्ति का कोई लेन-देन नहीं कर सकेगा। यह जिले में पहली बार है जब पुलिस ने इस तरह की कार्यवाही की है।

गौरतलब है कि अगस्त 2024 में पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के दिशा-निर्देशन पर जूटमिल पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के बड़े रैकेट का खुलासा किया था, जिसमें सरगना भागवत साहू समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 175 किलो गांजा, 4 फोर व्हीलर, 6 मोबाइल फोन, 7500 रुपये नकद समेत करीब 72 लाख की संपत्ति जब्त की थी और आरोपियों के खिलाफ चालान न्यायालय में पेश किया गया था अभी भी तस्कर भागवत साहू जेल में निरुद्ध है।

पुलिस ने यहीं पर कार्रवाई रोकने के बजाय आरोपी की अवैध संपत्ति पर भी शिकंजा कसा। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक प्रशांत राव द्वारा प्रकरण तैयार कर आरोपी के बैंकिंग लेन-देन और अन्य दस्तावेजों के आधार पर 19 अगस्त को सक्षम अधिकारी एवं प्रशासक कार्यालय नारकोटिक्स/सफेमा कोर्ट, मुंबई में मामला पेश किया गया। माननीय न्यायालय ने पाया कि आरोपी की पत्नी के पास आय का कोई वैध स्रोत नहीं है और खाते में जमा रकम गांजा तस्करी से अर्जित की गई है। इस पर 15 सितंबर को न्यायालय ने आदेश जारी कर आरोपी की पत्नी के बैंक खातों में जमा 15,07,686 रुपये को फ्रीज कर दिया।

पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के दिशा निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में इस सख्त कार्यवाही में निरीक्षक प्रशांत राव और उप निरीक्षक गिरधारी साव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल ने टीम की सराहना करते हुए स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर भी इसी तरह की कार्रवाई आगे जारी रहेगी।

क्या है सफेमा (SAFEMA)?

Smugglers and Foreign Exchange Manipulators (Forfeiture of Property) Act, 1976 यानी सफेमा कानून उन तस्करों और हवाला कारोबारियों पर लागू होता है जिन्होंने अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की है। इस कानून के तहत उनकी अवैध संपत्ति को जांच एजेंसी कोर्ट में पेश करती है और अदालत द्वारा सुनवाई कर उसे फ्रीज या जब्त करने का आदेश दिया जाता है। सफेमा कोर्ट इसी प्रकार के मामलों की सुनवाई करने वाला विशेष न्यायिक मंच है।

𝐁𝐇𝐈𝐒𝐌 𝐏𝐀𝐓𝐄𝐋

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐇𝐈𝐍𝐃𝐁𝐇𝐀𝐑𝐀𝐓 𝐋𝐈𝐕𝐄 𝐍𝐞𝐰𝐬
error: Content is protected !!