नई दिल्ली: देश में ईंधन की आपूर्ति और उपलब्धता को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और तेल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने एक आधिकारिक बयान जारी कर देशवासियों को आश्वस्त किया है कि भारत पेट्रोल और डीजल के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर है।
100% क्षमता पर काम कर रही हैं रिफाइनरियां
सुजाता शर्मा ने बताया कि वर्तमान में भारत की रिफाइनिंग क्षमता 258 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि देश की सभी रिफाइनरियां इस समय अपनी 100% या उससे भी अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं। कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त भंडार मौजूद है और इसकी सप्लाई चैन में कोई रुकावट नहीं है।
LPG और CNG पर बड़ी राहत
गैस आपूर्ति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) और CNG (कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस) की सप्लाई बिना किसी कटौती के सुनिश्चित की जा रही है। हालांकि LPG को लेकर कुछ चिंताएं जताई जा रही थीं, लेकिन मंत्रालय ने साफ किया है कि देश के 25,000 वितरकों में से कहीं भी स्टॉक खत्म होने की रिपोर्ट नहीं मिली है।
अफवाहों से बचें, पैनिक बाइंग न करें
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है, इसलिए घबराकर खरीदारी (Panic Buying) करने की आवश्यकता नहीं है।
विशेष सलाह: मंत्रालय ने उन व्यावसायिक उपभोक्ताओं को, जो LPG पर निर्भर हैं, सुझाव दिया है कि वे अपने स्थानीय CGD नेटवर्क प्रदाता से संपर्क कर PNG कनेक्शन प्राप्त करें ताकि उनकी ऊर्जा संबंधी जरूरतें बिना किसी रुकावट के पूरी हो सकें।




















