बिलासपुर। जिले में धान खरीदी अभियान अब गति पकड़ चुका है। आधिकारिक मार्कफेड सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के उपार्जन केंद्रों पर अब तक कुल 1 लाख 91 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है, जिसका अनुमानित मूल्य लगभग 453 करोड़ रुपये है।
यह उपलब्धि पिछले वर्ष की तुलना में धान की आवक में 83 प्रतिशत की महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाती है, जो किसानों के उत्साह और इस वर्ष की बेहतर फसल को रेखांकित करता है।
कस्टम मिलिंग में रिकॉर्ड तेजी
खरीदी के साथ ही उपार्जित धान के निराकरण और कस्टम मिलिंग की प्रक्रिया भी रिकॉर्ड गति से चल रही है।
- 16 दिसंबर को एक ही दिन में 13 हजार 270 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई।
- कुल खरीदे गए 1.91 लाख मीट्रिक टन धान में से 1 लाख 80 हजार मीट्रिक टन धान को कस्टम मिलिंग के लिए राईस मिलर्स को डिलेवरी ऑर्डर (डीओ) जारी कर दिया गया है। यह आंकड़ा कुल खरीदी का 94 फीसदी है, जो धान के त्वरित निपटान के प्रति प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है।
- जारी डीओ के विरुद्ध 1 लाख 7 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव भी राईस मिलरों द्वारा किया जा चुका है, जो जारी डीओ का 60 प्रतिशत है।
- जिले के 120 राईस मिलरों ने खरीदी केंद्रों से धान का उठाव कर कस्टम मिलिंग का कार्य प्रारंभ कर दिया है।
किसानों का समर्पण और विक्रय
जिले में कुल 1 लाख 33 हजार किसानों ने धान बेचने के लिए अपना पंजीयन कराया था। इनमें से लगभग 40 हजार किसानों ने अपनी उपज का विक्रय सफलतापूर्वक कर लिया है।
पंजीकृत किसानों ने धान बेचने के उपरांत लगभग 72 हेक्टेयर रकबे का समर्पण किया है, जो धान खरीदी प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। जिला प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे अपनी बारी आने पर जल्द से जल्द धान बेचकर इस अभियान को सफल बनाएं।
प्रशासन की सख्ती: जिला प्रशासन ने धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सभी खरीदी केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया है।




















