छत्तीसगढ़

बलौदाबाजार पुलिस का ‘समाधान अभियान’: 63 लाख रुपये के 417 मोबाइल रिकवर, चेहरों पर लौटी मुस्कान

बलौदाबाजार-भाटापारा: जिला बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने अपने विशेष ‘समाधान अभियान’ के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने गुम हुए मोबाइल फोनों को खोजने के लिए चलाए गए इस अभियान में 417 नग मोबाइल बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 63 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में साइबर सेल और तकनीकी टीम ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि अन्य राज्यों से भी मोबाइल ढूंढ निकाले।

दूसरे राज्यों तक पहुंची पुलिस की टीम

​गुम हुए इन फोनों को रिकवर करने के लिए पुलिस ने कड़ी मशक्कत की। मोबाइल खोजने वाली टीम ने छत्तीसगढ़ के जंजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, महासमुंद, रायपुर और अंबिकापुर जैसे जिलों के साथ-साथ दीगर राज्यों में भी दबिश दी। अभियान के दौरान महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा, मध्यप्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से मोबाइल रिकवर कर सफलता हासिल की गई।

मालिकों के सुपुर्द किए गए मोबाइल

​जिले के विभिन्न थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों के आधार पर इन मोबाइलों को ट्रैक किया गया था। बरामद किए गए सभी 417 हैंडसेट को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया है। अपना फोन वापस पाने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों ने जब पुलिस कार्यालय पहुंचकर अपना कीमती मोबाइल वापस पाया, तो उनके चेहरे खिल उठे और उन्होंने बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस का आभार व्यक्त किया।

अभियान की निरंतर सफलता

​गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब जिले की पुलिस ने इस तरह की बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

  • वर्ष 2025 में: पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर लगभग 96 लाख रुपये मूल्य के 640 नग मोबाइल रिकवर किए थे।
  • उपलब्धि: पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे इन अभियानों ने जनता के बीच सुरक्षा और भरोसे का माहौल पैदा किया है।

साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

​मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को साइबर ठगी और उससे बचाव के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी कि:

    1. ​अपने मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें।
    2. ​फोन गुम होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
    3. ​किसी भी अनजान लिंक या संदिग्ध कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें।

पुलिस संदेश: मोबाइल गुम होने की स्थिति में तत्काल संबंधित थाने या ऑनलाइन पोर्टल पर सूचना दें, ताकि तकनीकी माध्यम से उसे ढूंढने का प्रयास किया जा सके।

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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