राजनीति

बदलाव लाने की शक्ति’ मेरा लक्ष्य: बिहार चुनाव लड़ने की अटकलों पर लोक गायिका मैथिली ठाकुर का बड़ा बयान

जबलपुर, मध्य प्रदेश: बिहार की लोकप्रिय लोक और भक्ति गायिका मैथिली ठाकुर ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की खबरों पर पहली बार खुलकर बात की है। जबलपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान, उन्होंने न केवल अपनी उत्सुकता ज़ाहिर की, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि उनका राजनीति में आने का उद्देश्य केवल ‘बदलाव लाना’ है।

​हाल ही में बीजेपी के शीर्ष नेताओं से उनकी मुलाकात के बाद से ही उनके चुनाव लड़ने की अटकलें तेज़ हो गई थीं। इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए 25 वर्षीय गायिका ने कहा, “जिस तरह से मैं तस्वीरें और लेख देख रही हूं, उससे मैं बहुत उत्साहित हूं। मैं उत्सुक हूं, लेकिन मैं आधिकारिक घोषणा का इंतज़ार कर रही हूं।”

गांव की सेवा और ‘बदलाव’ पर फोकस

​मैथिली ठाकुर ने अपने गृह क्षेत्र के प्रति अपने गहरे लगाव को दोहराया। उन्होंने कहा, “मैं अपने गांव वापस जाना चाहती हूं। लेकिन अगर मुझे अपने क्षेत्र की सेवा करने का अधिकार मिलता है, तो मेरे लिए इससे बड़ी कोई बात नहीं होगी।”

​उन्होंने अपने राजनीतिक प्रवेश के इरादों को स्पष्ट करते हुए कहा, “मैं यहां राजनीति या खेल खेलने नहीं आ रही हूं, मेरा लक्ष्य बदलाव लाने के लिए शक्ति हासिल करना है।” उनका यह बयान दर्शाता है कि वह केवल एक चेहरा बनकर नहीं रहना चाहतीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर काम करने की इच्छुक हैं।

नीतीश कुमार की तारीफ और बिहार के भविष्य पर विचार

​मैथिली ठाकुर ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में हुए विकास कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “अगले 5 साल बिहार के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, नीतीश कुमार ने हमारे लिए जो किया है, उसके लिए हम आभारी हैं।” इस बयान को बिहार की वर्तमान राजनीतिक स्थिति में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है।

​ज्ञात हो कि, मैथिली ठाकुर को उनके लोकगीतों और भक्ति संगीत के लिए देश भर में जाना जाता है, और सोशल मीडिया पर उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। चुनाव लड़ने की अटकलों को तब और बल मिला जब उन्होंने हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और बिहार प्रभारी विनोद तावड़े और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय से मुलाकात की।

​अगर आधिकारिक घोषणा होती है, तो मैथिली ठाकुर को मिथिलांचल क्षेत्र—संभावित तौर पर बेनीपट्टी या अलीनगर सीट—से उम्मीदवार बनाया जा सकता है। उनकी लोकप्रियता और युवा अपील को देखते हुए, उनका चुनावी मैदान में उतरना बिहार के सियासी समीकरणों में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।

𝐁𝐇𝐈𝐒𝐌 𝐏𝐀𝐓𝐄𝐋

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐇𝐈𝐍𝐃𝐁𝐇𝐀𝐑𝐀𝐓 𝐋𝐈𝐕𝐄 𝐍𝐞𝐰𝐬
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