नई दिल्ली: मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के इस महत्वपूर्ण बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 1,62,671 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। वित्त मंत्री ने ‘तीन कर्तव्य’ (Three Kartavyas) का खाका पेश करते हुए किसानों को उत्पादकता और तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाने पर जोर दिया है।
1. ‘भारत विस्तार’ (Bharat-VISTAAR): खेती में AI की एंट्री
बजट की सबसे बड़ी खबर ‘भारत विस्तार’ नामक डिजिटल पहल है। यह एक बहुभाषी AI-आधारित प्लेटफॉर्म होगा जो:
- किसानों को उनकी स्थानीय भाषा में मौसम, कीट प्रबंधन और बाजार की सटीक जानकारी देगा।
- यह ‘एग्री-स्टैक’ (AgriStack) और ICAR के डेटा को एक साथ जोड़कर किसानों को व्यक्तिगत सलाह प्रदान करेगा।
2. उच्च मूल्य वाली फसलों (High-Value Crops) पर विशेष ध्यान
सरकार ने पारंपरिक फसलों के साथ-साथ ऐसी फसलों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है जो किसानों को ज्यादा मुनाफा दे सकें:
- नारियल संवर्धन योजना: पुराने और कम उत्पादक पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाने के लिए सहायता दी जाएगी। भारत दुनिया का सबसे बड़ा नारियल उत्पादक है और इससे 10 मिलियन किसानों को लाभ होगा।
- काजू और कोको मिशन: भारत को काजू और कोको उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और 2030 तक इसे ‘ग्लोबल ब्रांड’ बनाने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू होगा।
- चंदन और मेवे: चंदन की वैज्ञानिक खेती और उत्तर-पूर्वी राज्यों में अगरवुड (Agarwood) के साथ-साथ पहाड़ी इलाकों में अखरोट, बादाम और पाइन नट्स की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
3. पशुपालन और मत्स्य पालन को प्रोत्साहन
खेती के साथ-साथ आय के अन्य स्रोतों को मजबूत करने के लिए:
- क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी: पशुपालन क्षेत्र के लिए नई सब्सिडी योजना शुरू होगी ताकि ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ें।
- 500 जलाशयों का विकास: मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 500 नए जलाशयों और ‘अमृत सरोवरों’ का एकीकृत विकास किया जाएगा।
- FPOs को मजबूती: महिला समूहों और स्टार्टअप्स को मत्स्य कृषक उत्पादक संगठनों (FPOs) से जोड़कर बाजार तक पहुंच आसान बनाई जाएगी।
4. आत्मनिर्भरता और सब्सिडी
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- तिलहन और दलहन: खाद्य तेलों में आयात कम करने के लिए ‘आत्मनिर्भर तिलहन अभियान’ को और गति दी जाएगी।
- उर्वरक सब्सिडी: किसानों को वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए उर्वरक सब्सिडी जारी रखने के संकेत दिए गए हैं, हालांकि ध्यान अब जैविक और प्राकृतिक खेती (Natural Farming) की ओर धीरे-धीरे स्थानांतरित किया जा रहा है।
वित्त मंत्री का संदेश: “हमारा उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि खेती को उद्यमिता (Entrepreneurship) में बदलना है, ताकि छोटे और सीमांत किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि हो सके।”




















