देश/राष्ट्रीयबिज़नेस/व्यापार

बजट 2026: क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा?

बजट 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना लगातार नौवां बजट पेश किया। इस बजट में सरकार ने मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। विशेष रूप से कैंसर के मरीजों और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) में बड़े बदलाव किए गए हैं।

1. इन चीजों के दाम कम होंगे (सस्ता):

​सरकार ने स्वास्थ्य और तकनीक को प्राथमिकता देते हुए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाया है:

  • कैंसर और गंभीर बीमारियां: कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 जीवन रक्षक दवाओं को पूरी तरह से कस्टम ड्यूटी फ्री कर दिया गया है। साथ ही 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर भी राहत दी गई है।
  • मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स: मोबाइल फोन और उनके पार्ट्स, चार्जर, और मोबाइल बैटरियों पर शुल्क घटाया गया है। इसके अलावा माइक्रोवेव ओवन भी सस्ते होंगे।
  • इलेक्ट्रिक वाहन (EV): लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाली मशीनरी पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है, जिससे आने वाले समय में इलेक्ट्रिक गाड़ियां सस्ती हो सकती हैं।
  • सोलर एनर्जी: सोलर पैनल और सोलर ग्लास के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर शुल्क कम किया गया है।
  • चमड़ा और फुटवियर: लेदर प्रोडक्ट्स और सिंथेटिक फुटवियर के दाम गिरेंगे।
  • सोना-चांदी (संकेत): कस्टम ड्यूटी में तर्कसंगतीकरण के चलते कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट की संभावना है।
  • निजी आयात: व्यक्तिगत उपयोग के लिए विदेशों से मंगवाए जाने वाले सामानों पर ड्यूटी 20% से घटाकर 10% कर दी गई है।

2. इन चीजों की कीमतें बढ़ेंगी (महंगा):

​कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में शुल्क बढ़ाकर उन्हें महंगा किया गया है:

  • शराब (Alcohol): संशोधित टैक्स ढांचे के कारण शराब की कीमतों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
  • शेयर बाजार में ट्रेडिंग: फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है, जिससे ट्रेडिंग महंगी होगी।
  • आयातित लग्जरी सामान: कुछ गैर-जरूरी विदेशी वस्तुओं पर ड्यूटी बढ़ाई गई है ताकि ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा मिले।

आम आदमी के लिए अन्य बड़ी घोषणाएं:

    • इनकम टैक्स: टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन नया आयकर अधिनियम 2025 अब 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।
    • शिक्षा और स्वास्थ्य: विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर TCS (Tax Collected at Source) को घटाकर 2% कर दिया गया है।
    • एक्सीडेंट क्लेम: मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से मिलने वाले ब्याज को अब इनकम टैक्स से मुक्त कर दिया गया है।

निष्कर्ष: इस साल का बजट मुख्य रूप से स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता करने और घरेलू उत्पादन (Manufacturing) को गति देने पर केंद्रित रहा है। कैंसर की दवाओं और गैजेट्स का सस्ता होना आम जनता के लिए बड़ी राहत है।

𝐁𝐇𝐈𝐒𝐌 𝐏𝐀𝐓𝐄𝐋

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐇𝐈𝐍𝐃𝐁𝐇𝐀𝐑𝐀𝐓 𝐋𝐈𝐕𝐄 𝐍𝐞𝐰𝐬
error: Content is protected !!