रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज पेश हुए बजट पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी चिर-परिचित शैली में तीखा प्रहार किया है। बजट भाषण के तुरंत बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए बघेल ने सरकार की कार्यप्रणाली को ‘पतंगबाजी’ के खेल से जोड़ते हुए इसे प्रदेश की जनता के साथ बड़ा मज़ाक करार दिया।
पतंग, कन्ने और मांझा: बघेल का ‘किस्तवार’ तंज
भूपेश बघेल ने बजट की घोषणाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सरकार केवल समय बिताने का काम कर रही है। उन्होंने कहा:
“पिछले बजट में इन्होंने पतंग उड़ाने की घोषणा की थी, इस बजट में ये पतंग के कन्ने बांधने का ऐलान कर रहे हैं। शायद अगले बजट में ये मांझा बांधेंगे और उसके अगले साल कहीं जाकर पतंग उड़ाने की कोशिश करेंगे। लेकिन सरकार ये भूल रही है कि जनता का विवेक सबसे ऊपर है और वो जल्द ही जुमलों की इस पतंग को काट देगी।”
“यह ChatGPT से लिखवाया गया बजट है”
बघेल यहीं नहीं रुके, उन्होंने बजट की तकनीक और विजन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बजट में न तो सरकार की कोई बुद्धिमत्ता नजर आ रही है और न ही अधिकारियों की कोई गंभीरता। बघेल के मुताबिक, “ऐसा लगता है कि यह बजट ChatGPT (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से लिखवाया गया है, जिसमें डेटा तो भरपूर है लेकिन आम जनता की भावनाओं और जरूरतों का कोई स्थान नहीं है।”
शायरी और अज्ञानता पर प्रहार
वित्तमंत्री के भाषण के दौरान इस्तेमाल की गई कविताओं और शायरियों पर तंज कसते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की ‘दुर्गति’ करने के बाद अब ट्रकों के पीछे लिखी शायरी पढ़कर जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की अज्ञानता प्रदेश को पीछे धकेल रही है और आज की तारीख में जनता के लिए सिर्फ ‘कांग्रेस ही एकमात्र विकल्प’ बची है।




















