रायपुर | मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के किसानों के हित में एक संवेदनशील निर्णय लेते हुए धान खरीदी की समय-सीमा में वृद्धि कर दी है। राज्य सरकार ने धान खरीदी की प्रक्रिया में किसानों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करते हुए अब 05 और 06 फरवरी 2026 को भी धान विक्रय की अनुमति दे दी है। इस निर्णय से उन हजारों किसानों को लाभ मिलेगा जो तकनीकी कारणों या समय की कमी की वजह से अपनी उपज नहीं बेच पाए थे।
इन तीन श्रेणियों के किसानों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, इस अतिरिक्त दो दिवसीय अवधि में विशेष रूप से तीन श्रेणियों के किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी:
- सत्यापन के प्रतीक्षारत किसान: ऐसे किसान जिन्होंने 10 जनवरी 2026 के बाद टोकन के लिए आवेदन किया था, लेकिन जिनका सत्यापन (Verification) समय पर पूरा नहीं हो पाया था।
- सत्यापन उपरांत पात्र किसान: वे किसान जिन्होंने 10 जनवरी के बाद आवेदन किया और सत्यापन के दौरान उनके पास विक्रय योग्य धान उपलब्ध पाया गया है।
- छूटे हुए टोकनधारी: ऐसे किसान जिन्हें 28, 29 और 30 जनवरी 2026 के लिए टोकन जारी किए गए थे, लेकिन किसी अनिवार्य कारणवश वे निर्धारित तिथि पर अपना धान नहीं बेच सके थे।
अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
धान खरीदी केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इन दो दिनों के दौरान केंद्रों पर बारदाना (Gunny bags) और हमालों (Labourers) की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि तौल और उठाव की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।
किसान कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
राज्य सरकार का यह कदम किसानों के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश के एक भी पात्र किसान का धान शेष न रहे। यह निर्णय न केवल किसानों की उपज का सुरक्षित विक्रय सुनिश्चित करेगा, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति को भी मजबूती प्रदान करेगा।
“हमारी सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि रखती है। कोई भी मेहनत करने वाला किसान अपनी उपज बेचने से वंचित न रहे, यही हमारी प्राथमिकता है।” > — मुख्यमंत्री कार्यालय, छत्तीसगढ़




















