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मौसम अपडेट : नौतपा में आसमान से बरस रही आग, छत्‍तीसगढ़ में पारा पहुंचा 47 डिग्री, 19 जिलों के लिए लू का अलर्ट जारी, अगले 2-3 दिनों के दौरान केरल में मानसून की शुरुआत के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बनी…

मौसम अपडेट : पूरा छत्‍तीसगढ़ इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है और लोग गर्मी, उमस और गर्म हवाओं के थपेड़ों से बेहाल है। मौसम विभाग ने रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कुछ क्षेत्रों में लू चलने की संभावना भी जताई है। मौसम विभाग का कहना है कि लू से बचने के लिए लोगों को पर्याप्त उपाय कर ही घर से बाहर निकलना चाहिए।

आने वाले दो दिनों में भी प्रदेश के अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की संभावना है। इन दिनों दिन की तपिश के साथ ही रात में भी गर्म हवाएं चलने लगी है। प्रदेश भर में मुंगेली सर्वाधिक गर्म रहा। एडब्ल्यूएस मुंगेली का अधिकतम तापमान 47.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके साथ ही रायपुर का अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.7 डिग्री ज्यादा है। वहीं बिलासपुर का भी अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री दर्ज किया गया, जोकि सामान्य से 3.2 डिग्री ज्यादा रही।

मंगलवार को रायपुर में इस सीजन का सबसे गर्म दिन बीता, इस वर्ष पूरे सीजन में रायपुर का अधिकतम तापमान इतना नहीं पहुंचा था। बढ़ती गर्मी व उमस के चलते इन दिनों अस्पतालों में डिहाइड्रेशन के शिकार वाले मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है।

यह बन रहा सिस्टम

मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि प्रदेश में इन दिनों उत्तर पश्चिम से गर्म व शुष्क हवाओं के आने का क्रम अभी जारी है। लेकिन हवा कि गति थोड़ी कम होने के कारण अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। बुधवार को भी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रोंमें लू चलेगी।

लू से बचने के उपाय

1. प्यास न लगने पर भी पर्याप्त पानी पीएं

2.अपने आप को हाइड्रेटेड रखने के लिए ओआरएस, घर का बने पेय जैसे लस्सी, नींबू पानी,छाछ पीएं

3.घर के बाहर है तो अपना सिर, मुंह ढंककर रखें। धूप चश्मा व त्वचा की रक्षा के लिए सनस्क्रीन का प्रयोग करें।

4.बच्चों, बुजूर्गों, बीमार या अधिक वजन के व्यक्ति का विशेष ध्यान रखें।

5. कार्यस्थल पर ठंडे पेयजल की व्यवस्था रखें।

6. अपने घर को ठंडा रखें तथा बेवजह बिना पर्याप्त सुरक्षा के बाहर न निकलें।

बिलासपुर में टूटा छह साल का रिकार्ड, पारा 46.4 डिग्री, प्रचंड गर्मी के बीच आइएमडी ने जारी किया येलो अलर्ट

न्यायधानी में गर्मी अपना ही रिकार्ड तोड़ रही है। मंगलवार को बिलासपुर का अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। यह पिछले छह साल में सर्वाधिक तापमान है। साल 2017 में 23 मई को पारा 49.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। भीषण गर्मी के बीच चमड़ी जला देने वाली इस ताप ने आमजन को पसीने से लथपथ कर रखा है। मंगलवार को शहर में भीषण गर्मी ने लोगों को बुरी तरह प्रभावित किया है।

गर्म हवाओं के साथ हीटवेव और लू जैसी स्थिति है। दिन के साथ रात में भी उमस ने हलकान कर रखा है। इन दिनों घरों के बाहर निकलना इसलिए मुश्किल हो रहा है, क्योंकि बाहर तीव्र लू जैसी स्थिति बनी हुई है। साथ ही घरों में रहना भी आसान नहीं है क्योंकि कूलर और एसी जवाब देने लगे हैं। कूलर गर्म हवा दे रहा है और एसी फेल हो रहे हैं। दीवारें तप रही हैं।

छत पर रखी पानी की टंकी से 24 घंटे गर्म पानी आ रहा है। ऐसा लग रहा है मानों पानी उबल रहा हो। गमलों में रखे पौधे तक मूरझाने लगे हैं। शहर में दिन चढ़ने के साथ ही सड़कें सूनसान हो जा रही हैं। शाम को भी राहत नहीं है। गर्म हवाओं का असर ऐसा की लोग बाहर टहलने से भी डरने लगे हैं।

30 मई तक हीटवेट का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर की ओर से अगले तीन दिनों के लिए बिलासपुर सहित छत्तीसगढ़ की दो दर्जन शहरों को येलो अलर्ट जारी किया गया। इन शहरों में हीट वेव का खतरा है। 30 मई तक भीषण गर्मी के साथ रात में भी गर्म हवाएं चलेंगी। इसमें गौरेला पेंड्रा मरवाही ,कोरबा, मुंगेली जांजगीर-चांपा, सक्ती भी शामिल हैं। यहां तेज गर्म हवाएं चलेंगी। दिन के साथ रात भी यही स्थिति बनी रहेगी। ऐसे में सेहत का ख्याल बेहद जरूरी है।

इस बार भीषण गर्मी का प्रमुख कारण

मौसम विशेषज्ञ अब्दुल सिराज खान का कहना है कि राजस्थान और पाकिस्तान के आसपास कुछ दिनों से दो एंटी साइक्लोन सिस्टम एक्टिव है। भारत के पश्चिमी हिस्से में इन दिनों पूरी तरह वेस्टर्न विंड का प्रभाव है। एंटी साइक्लोन में प्रेशर सिस्टम बनता है और हवा आसमान से धरती की ओर आती है। दूसरा बड़ा कारण ईस्टर्न (पूर्वी) विंड का थमना। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के कारण पूर्वी हवा बंद हो गई। यही कारण रहा कि राजस्थान में कुछ दिनों से इतनी तेज गर्मी है। राज्य में ये गर्मी का पीक है। 30 मई से इसमें धीरे-धीरे कमी आने लगेगी। इसके बाद सीजन में इतनी गर्मी नहीं रहेगी।

आज भी शुष्क रहेगा मौसम

मौसम वेधशाला के मौसम विज्ञानी डा.एचपी चंद्रा के मुताबिक प्रदेश में उत्तर पश्चिम से गर्म और शुष्क हवाओं का आगमन लगातार जारी रहने की संभावना है, किंतु आने वाली हवा की गति में थोड़ी गिरावट होने के कारण अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 29 मई को मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ पैकेट में ग्रीष्म लहर चलने की संभावना है।

प्रमुख शहरों का तापमान=शहर अधिकतम न्यूनतम

  • बिलासपुर 46.4 29.6 
  • पेंड्रारोड 45 28.6 
  • अंबिकापुर 43.5 25.8
  • माना 46 31.2 
  • जगदलपुर 38.5 27.2

पांच दिनों में गर्मी का ट्रेंड/तिथि अधिकतम न्यूनतम

  • 27 मई 46.4 29.6
  • 27 मई 43 30.2
  • 26 मई 42.4 30.4
  • 25 मई 40.4 28
  • 24 मई 39.4 27.6

10 वर्षों में ऐसी पड़ी गर्मी/वर्ष अधितकत तापमान तिथि (मई)

  • 2023 43.8 17
  • 2022 45.4 1
  • 2021 41.2 30
  • 2020 45.8 27
  • 2019 46.2 25
  • 2018 44.5 30
  • 2017 49.3 23
  • 2016 45.1 15
  • 2015 46.9 24
  • 2014 43.8 24

29-31 के दौरान बिहार और झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में लू चलने की संभावना है; 29-30 के दौरान विदर्भ, छत्तीसगढ़; जम्मू संभाग, 29 को हिमाचल प्रदेश और 29 और 30 मई, 2024 को ओडिशा में लू चलने की संभावना है।

29 मई, 2024 को गुजरात राज्य के अलग-अलग इलाकों में गर्म और आर्द्र मौसम रहने की संभावना है।

29 पर उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश में अलग-अलग इलाकों में गर्म रात की स्थिति बनी रहने की संभावना है; 30 मई-02 जून, 2024 के दौरान पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में अलग-अलग इलाकों में गर्म रात की स्थिति बनी रहने की संभावना है; ।

दक्षिण-पश्चिम मानसून का आगे बढ़ना:

मानसून की उत्तरी सीमा 08°N/60°E, 07°N/75°E, 08°N/80°E, 13°N/84.5°E, 16°N/87.5°E से होकर गुजरती रहती है। 18.5°N/90°E, 21°N/92.5°E.

अगले 2-3 दिनों के दौरान केरल में मानसून की शुरुआत के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बनी हुई हैं।

दक्षिण अरब सागर के कुछ और हिस्सों, मालदीव के शेष हिस्सों और कोमोरिन क्षेत्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ भी अनुकूल होती जा रही हैं; लक्षद्वीप क्षेत्र, केरल के कुछ हिस्से; इसी अवधि के दौरान दक्षिण-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्से, बंगाल की पूर्वोत्तर खाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्से में।

पूर्वोत्तर असम और आसपास के क्षेत्र में अच्छी तरह से चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र (गंभीर चक्रवाती तूफान “रेमल” के अवशेष) उसी क्षेत्र में कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया। हालाँकि, संबंधित चक्रवाती परिसंचरण मध्य क्षोभमंडल स्तर तक फैला हुआ है।

पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में एक गर्त के रूप में है, जिसकी धुरी लोंग के साथ औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर है। अक्षांश के उत्तर में 76° पूर्व। 33°N बना रहता है।

उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी मध्य प्रदेश होते हुए उत्तरी छत्तीसगढ़ तक चक्रवाती परिसंचरण से एक ट्रफ रेखा बनी हुई है।

दक्षिण तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्र में समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

ओमान तट से दूर पश्चिम मध्य अरब सागर पर औसत समुद्र तल से 1.5 से 5.8 किमी ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

30 मई, 2024 से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है।

अगले 7 दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान (05 जून, 2024 को 0830 बजे IST तक)

मौसम विभागवार 7 दिनों की वर्षा का विस्तृत पूर्वानुमान तालिका-1 में दिया गया है।

अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव होने की संभावना नहीं है

और उसके बाद 2-3°C की गिरावट होगी।

अगले 2 दिनों के दौरान पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है और उसके बाद कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा।

अगले 4 दिनों के दौरान गुजरात में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है।

अगले 24 घंटों के दौरान महाराष्ट्र में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है और उसके बाद कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा।

देश के बाकी हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।

अगले 3 दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान (05-07 जून, 2024 के दौरान)

द्वीपों, पूर्वोत्तर और प्रायद्वीपीय भारत में छिटपुट से लेकर काफी व्यापक वर्षा होने की संभावना है।पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में पृथक वर्षा की संभावना है।

देश के बाकी हिस्सों में मुख्यतः शुष्क मौसम रहने की संभावना है।

 

 

𝐁𝐇𝐈𝐒𝐌 𝐏𝐀𝐓𝐄𝐋

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐚𝐭 𝐇𝐈𝐍𝐃𝐁𝐇𝐀𝐑𝐀𝐓 𝐋𝐢𝐯𝐞 ❤
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