छत्तीसगढ़

मौसम अपडेट : छत्‍तीसगढ़ में मानसून के एक्टिव होने से बदला मौसम का मिजाज, बस्तर क्षेत्र में भारी बारिश के आसार…

छत्तीसगढ़ मौसम अपडेट : मानसून द्रोणिका व चक्रीय चक्रवात के प्रभाव से बुधवार शाम को रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदल गया। साथ ही तेज हवाओं के साथ ही हुई बारिश ने मौसम खुशनुमा कर दिया और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक प्रदेश में मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा और बहुत से क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा होगी। साथ ही बस्तर क्षेत्र में तो भारी बारिश के आसार है।

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले सप्ताह एक जुलाई से बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। बुधवार को प्रदेश भर में राजनांदगांव सर्वाधिक गर्म रहा, यहां का अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके साथ ही रायपुर का अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.3 डिग्री ज्यादा रहा।

तापमान में हुई बढ़ोतरी के चलते बुधवार को दिनभर थोड़ी उमस रही,हालांकि प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बारिश भी हुई। कुसमी में 4 सेमी, पेंड्रा रोड-करतला में 3 सेमी, मनोरा-मालखरौदा में 1 सेमी बारिश हुई। इसके साथ ही प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार प्रदेश में अब मौसम का मिजाज ऐसे ही बने रहने की उम्मीद है। अब बारिश होने के साथ ही अधिकतम तापमान में भी गिरावट आएगी। रविवार तक तो मौसम का मिजाज ऐसे ही रहेगा तथा सोमवार से बारिश का दायरा और बढ़ेगा।

मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि मानसूनी द्रोणिका के साथ ही एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी तथा उससे लगे उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर 1.5 किमी ऊंचाई तक है।

इसके प्रभाव से गुरुवार को प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में अंधड़ के साथ भारी बारिश हो सकती है। साथ ही बिजली गिरने की भी संभावना है। मौसम का मिजाज अगले पांच दिनों तक ऐसा ही रहेगा और विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। एक जुलाई से प्रदेश में ज्यादा बारिश होने की संभावना है।

बिलासपुर मौसम अपडेट : बरसो रे मेघा…. पारा 36 डिग्री सेल्सियस, आज वर्षा की संभावना

हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना बनी हुई है। गुरुवार से वर्षा की गतिविधियों में वृद्धि होगी। एक जुलाई से इसकी मात्रा और बढ़ जाएगी। यानी अब राहत की पूरी उम्मीद है। मौसम वेधशाला के विज्ञानी डा.एचपी चंद्रा के मुताबिक एक द्रोणिका मध्य गुजरात से पूर्वी विदर्भ तक 3.1 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है। एक पूर्व पश्चिम द्रोणिका उत्तर-पश्चिम राजस्थान से मणिपुर तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी व उससे लगे उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर 1.5 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। प्रदेश में 27 जून को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर मेघ खूब बरसेंगे। इधर बिलासपुर में किसान भी आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं, क्योंकि यहां गर्मी व उमस ने कम होने के बाद फिर से अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। बुध को दिन में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.9 डिग्री अधिक था। वहीं रात में भी पारा चार डिग्री ज्यादा था। गर्मी व उमस का असर अभी बना हुआ है।

आज वर्षा की संभावना

प्रदेश में 27 जून को अधिकांश स्थानों पर वर्षा का अनुमान है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ अंधड़ चलने, वज्रपात होने व भारी वर्षा होने की भी संभावना है। अधिकतम तापमान में गिरावट संभावित है। भारी वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः दक्षिण छत्तीसगढ रहने की संभावना है। अगले पांच दिनों तक अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना बनी हुई है। एक जुलाई से वर्षा की मात्रा बढ़ने का अनुमान है।

प्रमुख शहरों का तापमान/शहर अधिकतम न्यूनतम

  1. बिलासपुर 36 29
  2. पेंड्रारोड 34.7 25
  3. अंबिकापुर 34.4 25.9
  4. माना 37.4 28.7
  5. जगदलपुर 34.2 25.3

𝐁𝐇𝐈𝐒𝐌 𝐏𝐀𝐓𝐄𝐋

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐚𝐭 𝐇𝐈𝐍𝐃𝐁𝐇𝐀𝐑𝐀𝐓 𝐋𝐢𝐯𝐞 ❤
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