छत्तीसगढ़ के विकास पथ पर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए, केंद्र सरकार ने राज्य को कर हस्तांतरण (Tax Devolution) के तहत ₹3,462 करोड़ की अतिरिक्त राशि जारी की है। इस बड़ी वित्तीय सहायता की स्वीकृति पर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तत्काल प्रभाव से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय ने इस आवंटन को आगामी नवरात्रि और दशहरा जैसे पावन अवसरों पर छत्तीसगढ़ की जनता के लिए “वास्तव में एक अनमोल उपहार” बताया है।
वित्तीय सुदृढ़ता और विकास परियोजनाओं को मिलेगी ऊर्जा
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा जारी यह अतिरिक्त राशि राज्य की वित्तीय सेहत को और अधिक मजबूत करेगी। यह केवल एक मौद्रिक हस्तांतरण नहीं है, बल्कि यह वह ईंधन है जो राज्य की रुकी हुई और नई विकास परियोजनाओं को तेज़ गति प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह राशि राज्य की वित्तीय संसाधनों को और अधिक सुदृढ़ करेगी, विकास परियोजनाओं को गति प्रदान करेगी तथा लोककल्याणकारी योजनाओं को नई ऊर्जा देगी।” यह कथन स्पष्ट करता है कि सरकार की प्राथमिकता केवल पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) पर नहीं है, बल्कि यह समावेशी विकास को भी सुनिश्चित करना चाहती है, जहाँ आम जनता तक कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचे।
यह अतिरिक्त फंड ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार अपनी कई प्रमुख योजनाओं, जैसे “महतारी वंदन योजना” (यदि यह लागू हो गई है) या इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर तेज़ी से काम कर रही है। अतिरिक्त पूंजी की उपलब्धता से इन योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली संभावित वित्तीय बाधाएँ दूर होंगी और उनकी गति बढ़ेगी।
डबल इंजन सरकार: प्रगति और समृद्धि का संकल्प
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के विजन को फिर से दोहराया। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि यह सहयोग छत्तीसगढ़ को प्रगति और समृद्धि की नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए सतत प्रतिबद्ध है।
डबल इंजन सरकार का तात्पर्य केंद्र और राज्य दोनों में एक ही राजनीतिक दल (या गठबंधन) की सत्ता होने से है, जिससे समन्वय और सहयोग बढ़ता है। ₹3,462 करोड़ का यह अतिरिक्त हस्तांतरण इसी सहयोगात्मक मॉडल का प्रत्यक्ष प्रमाण है। जब राज्य और केंद्र के बीच वित्तीय और नीतिगत मामलों में तालमेल होता है, तो परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी मिलती है, निगरानी प्रभावी होती है और धन का उपयोग समय पर हो पाता है।
मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि इस मजबूत सहयोग से प्रदेशवासियों का जीवन और अधिक खुशहाल एवं सुरक्षित बनेगा। यह राशि ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और कनेक्टिविटी (सड़क, पुल आदि) में सुधार लाने जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश के द्वार खोलेगी।
संभावित निवेश क्षेत्र (Probable Areas of Investment):
यह अतिरिक्त फंड निम्न प्रमुख क्षेत्रों में उपयोग हो सकता है, जिससे जनता को सीधा लाभ मिलेगा:
- बुनियादी ढाँचा (Infrastructure): राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में सड़कों, पुलों और कनेक्टिविटी को सुधारना, जिससे आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी।
- स्वास्थ्य और शिक्षा: नए सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण, और स्कूलों एवं कॉलेजों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार।
- कल्याणकारी योजनाएँ: किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए घोषित की गई योजनाओं के लिए वित्तीय प्रावधानों को मजबूत करना।
- पूंजीगत व्यय में तेजी (Accelerating CapEx): केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप, यह राशि राज्य के पूंजीगत व्यय में वृद्धि करेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोज़गार सृजन को प्रोत्साहन मिलेगा।
केंद्र का ऐतिहासिक निर्णय: 1 लाख करोड़ से अधिक का अतिरिक्त हस्तांतरण
यह वित्तीय आवंटन केवल छत्तीसगढ़ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह केंद्र सरकार की एक व्यापक नीति का हिस्सा है। केंद्र सरकार ने आगामी त्यौहारी मौसम को देखते हुए और सभी राज्यों को पूंजीगत व्यय में तेजी लाने और उनके विकास/कल्याण संबंधी व्यय को वित्तपोषित करने में सक्षम बनाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने 1 अक्टूबर, 2025 को सभी राज्य सरकारों को कुल ₹1,01,603 करोड़ का अतिरिक्त कर हस्तांतरण जारी किया है।
इस कदम की महत्ता:
- सामान्य मासिक हस्तांतरण से अतिरिक्त: यह समझना महत्वपूर्ण है कि ₹1,01,603 करोड़ की यह राशि 10 अक्टूबर 2025 को जारी किए जाने वाले सामान्य मासिक हस्तांतरण के अतिरिक्त है। इसका मतलब है कि राज्य सरकारों को इस महीने सामान्य से काफी अधिक राशि मिलेगी।
- समय का महत्व (Timing): त्यौहारी सीज़न से ठीक पहले इस राशि का जारी होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस समय बाजार में तरलता (Liquidity) की आवश्यकता होती है। जब राज्य सरकारें इस फंड को विकास कार्यों पर खर्च करेंगी, तो स्थानीय अर्थव्यवस्था में पैसों का प्रवाह बढ़ेगा, जिससे छोटे व्यापारियों और कारीगरों को फायदा होगा।
- राज्यों को वित्तीय शक्ति: यह कदम राज्यों को अपनी प्राथमिकता के आधार पर विकास परियोजनाओं को बिना किसी देरी के शुरू करने की शक्ति देता है, जो सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) की भावना को मजबूत करता है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का प्रधानमंत्री श्री मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त करना, केंद्र और राज्य के बीच मजबूत वित्तीय साझेदारी का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ को प्राप्त हुए ₹3,462 करोड़ का यह अतिरिक्त टैक्स हस्तांतरण राज्य के लिए एक गेम-चेंजर (Game-Changer) साबित हो सकता है। यह न केवल राज्य की तात्कालिक वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि ‘डबल इंजन’ सरकार के विजन के तहत, छत्तीसगढ़ को स्थायी आर्थिक विकास और सामाजिक उत्थान की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाएगा। यह आवंटन छत्तीसगढ़ को समृद्धि और खुशहाली के एक नए युग में ले जाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।




















