रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात ‘मोन्था’ का असर छत्तीसगढ़ में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। राजधानी रायपुर समेत राज्य के कई हिस्सों में आसमान में बादल छाए हुए हैं और सुबह से ही तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने आज, 29 अक्टूबर को भी राज्य के 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 17 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की आशंका जताई गई है।
⚠️ अलर्ट ज़ारी: इन जिलों पर रहेगा ज़्यादा प्रभाव
मौसम विभाग ने विशेष रूप से दक्षिण छत्तीसगढ़ में मोन्था चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए अलर्ट जारी किया है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले:
बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर, बालोद, दुर्ग, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कबीरधाम और मुंगेली।
यलो अलर्ट वाले जिले:
रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बलौदा बाजार, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा। इन जिलों में बिजली गिरने और बारिश की संभावना है।
💨 बस्तर में 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएँ
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बस्तर संभाग के जिलों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। इसका सर्वाधिक प्रभाव दक्षिण छत्तीसगढ़ के बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर और कांकेर जिलों में देखने को मिलेगा।
अगले दिन (30 अक्टूबर) का पूर्वानुमान:
कल, 30 अक्टूबर को भी मौसम विभाग ने बिलासपुर और सरगुजा संभाग के जिलों के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के जिलों में भी 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
🌡️ तापमान में गिरावट और ठंड का असर
बारिश और बादलों के चलते प्रदेश के दिन के तापमान में गिरावट आई है, जिससे ठंड का असर भी महसूस किया जा रहा है। पिछले 24 घंटों में दुर्ग में अधिकतम तापमान 30.2^\circ\text{C} और पेंड्रा में न्यूनतम तापमान 19.2^\circ\text{C} दर्ज किया गया।
प्रमुख शहरों का तापमान (अधिकतम | न्यूनतम):
- पेंड्रा रोड: 28.2^\circ\text{C} | 19.2^\circ\text{C}
- अंबिकापुर: 29.6^\circ\text{C} | 20.6^\circ\text{C}
- बिलासपुर: 29.4^\circ\text{C} | 24.2^\circ\text{C}
- रायपुर: 29.2^\circ\text{C} | 24.1^\circ\text{C}
- दुर्ग: 30.2^\circ\text{C} | 20.0^\circ\text{C}
- जगदलपुर: 27.2^\circ\text{C} | 22.6^\circ\text{C}
🌾 किसानों की बढ़ी चिंता, फसलों पर संकट
बेमौसम बारिश और तेज हवा से किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इसका सीधा असर खेतों में खड़ी धान की फसल पर पड़ने की आशंका है। तेज हवा से खड़ी फसलें गिरकर खराब हो सकती हैं। साथ ही, जिन किसानों ने कटाई के बाद फसल को सुरक्षित भंडारण नहीं किया है, उन्हें भी फसल के भीगने का डर है।
कृषि मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों को बारिश से बचाने के लिए तुरंत आवश्यक उपाय करें।
📊 अक्टूबर में औसत से 59% ज़्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ से मानसून 15 अक्टूबर तक लौट गया था। लेकिन, इस साल 1 से 26 अक्टूबर तक राज्य में 89.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो कि इस अवधि की औसत वर्षा (56.2 मिमी) से 59 फीसदी ज़्यादा है। अक्टूबर में हुई यह अतिरिक्त बारिश अब चक्रवात ‘मोन्था’ के कारण और बढ़ सकती है।
मौसम अपडेट 29 अक्टूबर: चक्रवात ‘मोंथा’ कमजोर होकर आंध्र तट पर पहुँचा; अरब सागर में भी बना दबाव
देश के तटीय क्षेत्रों में आज दो अलग-अलग मौसम प्रणालियों का प्रभाव देखा जा रहा है। गंभीर चक्रवाती तूफान “मोंथा” (उच्चारण: मोन-था) कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदल गया है और तटीय आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा है, जबकि पूर्वी मध्य अरब सागर में भी एक दबाव क्षेत्र बना हुआ है।
🌊 (A) “मोंथा” चक्रवात आंध्र प्रदेश तट पर कमजोर
गंभीर चक्रवाती तूफान “मोंथा” अब कमजोर पड़ गया है और तटीय आंध्र प्रदेश पर एक चक्रवाती तूफान के रूप में सक्रिय है।
- वर्तमान स्थिति (आज 0230 बजे IST): यह लगभग 10 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है और अक्षांश 16.5^\circ\text{N} और देशांतर 81.5^\circ\text{E} के पास केंद्रित था।
- स्थान: यह नरसपुर (आंध्र प्रदेश) से लगभग 20 किमी पश्चिम-उत्तर-पश्चिम, मछलीपट्टनम से 50 किमी उत्तर-पूर्व, और काकीनाडा से 90 किमी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में स्थित है।
- जमीन पर प्रवेश: नवीनतम जानकारी के अनुसार, चक्रवाती तूफान “मोंथा” का पिछला हिस्सा पहले ही ज़मीन में प्रवेश कर चुका है।
- आगे का पूर्वानुमान: अगले 6 घंटों के दौरान इसके लगभग उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए तटीय आंध्र प्रदेश को पार करने और चक्रवाती तूफान की तीव्रता बनाए रखने की संभावना है। हालांकि, इसके बाद के 6 घंटों में यह और कमजोर होकर गहरे दबाव में बदल जाएगा।
मौसम विभाग मछलीपट्टनम और विशाखापत्तनम में डॉप्लर वेदर रडार (DWR), तटीय वेधशालाओं, स्वचालित मौसम स्टेशनों (AWS), जहाजों और उपग्रहों के माध्यम से इस सिस्टम की लगातार निगरानी कर रहा है।
⚓ (B) पूर्वी मध्य अरब सागर पर दबाव क्षेत्र
दूसरी ओर, पूर्वी मध्य अरब सागर पर भी एक दबाव क्षेत्र बना हुआ है, जो पिछले 6 घंटों के दौरान उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ा है।
- वर्तमान स्थिति (आज 0230 बजे IST): यह लगभग 8 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ा और अक्षांश 17.8^\circ\text{N} और देशांतर 69.1^\circ\text{E} के पास केंद्रित था।
- स्थान: यह वेरावल (गुजरात) से लगभग 440 किमी दक्षिण-पश्चिम, मुंबई (महाराष्ट्र) से 420 किमी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम और पणजी (गोवा) से 570 किमी पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में स्थित है।
- आगे का पूर्वानुमान: मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि यह दबाव अगले 36 घंटों के दौरान पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर से लगभग उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ेगा।
तटीय क्षेत्रों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को दोनों ही मौसम प्रणालियों के मद्देनजर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।




















