कांकेर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘नक्सल उन्मूलन अभियान’ के तहत सुरक्षाबलों ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। कांकेर और नारायणपुर के सीमावर्ती क्षेत्र में संयुक्त कार्रवाई करते हुए डीआरजी (DRG) और बीएसएफ (BSF) की टीम ने 4 नग खतरनाक आईईडी (IED) बरामद किए हैं। साथ ही, नक्सलियों द्वारा बनाए गए 4 स्मारकों को भी जमींदोज कर दिया गया है।
संयुक्त टीम की बड़ी कार्रवाई
बस्तर रेंज के आईजी सुन्दरराज पी. और कांकेर एसपी निखिल कुमार राखेचा के निर्देशन में जिले में लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 94वीं वाहिनी बीएसएफ बांदे के 2IC मनोज कसाना के नेतृत्व में डीआरजी और बीएसएफ की एक संयुक्त टीम को गश्त और सर्चिंग के लिए रवाना किया गया था।
जंगल में छिपा था मौत का सामान
रविवार, 15 मार्च 2026 को सर्चिंग के दौरान थाना छोटेबेठिया के अंतर्गत हापाटोला और बीनागुण्डा के पहाड़ी जंगलों में नक्सलियों द्वारा छिपाए गए डंप का पता चला। यहां से जवानों ने कुल 4 आईईडी बरामद किए, जिनमें:
- 03 प्रेशर कुकर आईईडी: (एक 10 किलो और दो 5-5 किलो के)।
- 01 पाइप आईईडी।
इसके अलावा मौके से बिजली के तार, नक्सल वर्दी, पटाखे और भारी मात्रा में नक्सल साहित्य बरामद किया गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बम निरोधक दस्ते ने सभी आईईडी को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया।
नक्सल स्मारक किए गए ध्वस्त
सर्चिंग के दौरान ही सुरक्षाबल कलपर और आमाटोला गांव पहुंचे, जहां नक्सलियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए 4 स्मारक बना रखे थे। जवानों ने बिना देरी किए इन स्मारकों को ध्वस्त कर दिया, जिससे नक्सलियों के मनोबल को तगड़ा झटका लगा है।




















